आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ".cok"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ".cok"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम ".cok"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ".cok"
शायरी के अनुवाद
और आत्मा को पैरों से कपकपी चढ़ रही है
बरसों बादल गरजते हैं इस उम्र के आसमान पर
अमृता प्रीतम
शायरी के अनुवाद
फिर आज दिल-ग़रीब ये देता है वास्ता
दे जा मिरी क़लम को तू इक और हादसा
शिव कुमार बटालवी
नज़्म
मैं काएनात में
लबों से चूम लो आँखों से थाम लो मुझ को
तुम्हारी कोख से जन्मूँ तो फिर पनाह मिले!
गुलज़ार
नज़्म
यक़ीन से यादों के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता
आज दिनों बाद बहुत अकेले मैं उसे खोल कर देखा है
फूल की नौ पंखुड़ियाँ हैं
इफ़्तिख़ार आरिफ़
नज़्म
ख़ातून-ए-मशरिक़
हिल्म के साँचे में रूह-ए-नाज़ को ढाले हुए
गर्दनों में ख़म सरों पर चादरें डाले हुए
जोश मलीहाबादी
शायरी के अनुवाद
मेरी माँ को मेरी नज़्म समझ नहीं आई
गरचे वो मेरी मादरी ज़बाँ में लिखी हुई थी







