आपकी खोज से संबंधित
परिणाम ".jig"
अत्यधिक संबंधित परिणाम ".jig"
तंज़-ओ-मज़ाह
मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम ".jig"
नज़्म
फ़र्ज़ करो
फ़र्ज़ करो ये जोग बजोग का हम ने ढोंग रचाया हो
फ़र्ज़ करो बस यही हक़ीक़त बाक़ी सब कुछ माया हो
इब्न-ए-इंशा
ग़ज़ल
तिरे मनचलों का जग में ये अजब चलन रहा है
न किसी की बात सुनना, न किसी से बात करना
पीर सय्यद नसीरुद्दीन नसीर गीलानी
शेर
रोज़ वो ख़्वाब में आते हैं गले मिलने को
मैं जो सोता हूँ तो जाग उठती है क़िस्मत मेरी
जलील मानिकपूरी
ग़ज़ल
समझे हैं अहल-ए-शर्क़ को शायद क़रीब-ए-मर्ग
मग़रिब के यूँ हैं जम्अ' ये ज़ाग़ ओ ज़ग़न तमाम
हसरत मोहानी
नज़्म
सुना है
सुना है घोंसले से कोई बच्चा गिर पड़े तो सारा जंगल जाग जाता है
सुना है जब किसी नद्दी के पानी में
ज़ेहरा निगाह
नज़्म
परछाइयाँ
ये खेत जाग पड़े उठ खड़ी हुईं फ़स्लें
अब इस जगह कोई क्यारी न बेची जाएगी



