आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bajte"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "bajte"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "bajte"
नज़्म
जुगनू
ये बे-ख़ुदी-ए-मुसर्रत ये वालिहाना रक़्स
ये ताल-सम ये छमा-छम कि कान बजते हैं
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
रात और रेल
वो हवा में सैकड़ों जंगी दुहल बजते हुए
वो बिगुल की जाँ-फ़ज़ाँ आवाज़ लहराती हुई
असरार-उल-हक़ मजाज़
ग़ज़ल
ये मिरा वहम है या मुझ को बुलाते हैं वो लोग
कान बजते हैं कि मौज-ए-गुज़राँ बोलती है
इरफ़ान सिद्दीक़ी
ग़ज़ल
ऐ सेहन-ए-चमन के ज़िंदानी कर जश्न-ए-तरब की तय्यारी
बजते हैं बहारों के कंगन ज़ंजीर की ये आवाज़ नहीं
क़तील शिफ़ाई
नज़्म
होली
हवा से पत्तों के बजते हैं ताल और मिर्दंग
तमाम बाग़ में खेलें हैं होली गुल के संग
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
होली
दफ़ बजते हैं सब हँसते हैं और धूम है बिल्कुल
होली की ख़ुशी में तो न कर हम से तग़ाफ़ुल



