aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "barpaa"
डायरेक्टर क़ौमी कौंसिल बरा-ए-फ़रोग़-ए-उर्दू ज़बान, नई दिल्ली
पर्काशक
इरफ़ान बारा बंकवी
born.1946
लेखक
ए. आर. बाराबंकवी
ऑनलाइन इशाअ'त बराए बरकात लाइब्रेरी
नेशनल कमेटी बरा-ए-सात सौ साला तक़रीबात अमीर ख़ुसरो
इदारा बरा-ए-मुताला-ओ-तहक़ीक़-ओ-तारीख़, दकन
इदारा बरा-ए-मुताला व तहक़ीक़ तारीख़-ए-दकन, शोलापुर
नवकान्त बरूआ
संपादक
मरकज़ी इदारा बरा-ए-हिंदुस्तानी ज़बान, कर्नाटक
अकादमी बरा-ए-फ़रोग़-ए-इस्तेदाद उर्दू असातिज़ा जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली
क़ौमी इदारा बरा-ए-तहक़ीक़ तारीख़-ओ-सक़ाफ़त, इस्लामाबाद
अक़वाम-ए-मुत्तहिदा बरा-ए-आबादी, इस्लामाबाद
नग़मा-ए-हयात बरा-ए-मक्तबतुल हयात, गया
पवन के. वर्मा
born.1953
ख़मोशी से अदा हो रस्म-ए-दूरीकोई हंगामा बरपा क्यूँ करें हम
जश्न-ए-मक़्तल ही न बरपा हुआ वर्ना हम भीपा-ब-जौलाँ ही सही नाचते गाते जाते
कू-ए-जानाँ में सोग बरपा हैकि अचानक सुधर गया हूँ मैं
शोर बरपा है ख़ाना-ए-दिल मेंकोई दीवार सी गिरी है अभी
हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली हैडाका तो नहीं मारा चोरी तो नहीं की है
बरसाبَرْسا
बरखा, बरसात
बारनाبارْنا
बाधा डालना, रोकना, मना करना
बारताبارتا
वार्ता, बातचीत, गुफ़्तगु
बाराبارا
big leech, wind, storm, bucket used for this purpose, lifting with a lever of irrigation water in buckets from a well, lever-lift irrigation, process of wire-drawing using a perforated plate of steel
Barf Aashna Parinde
तरन्नुम रियाज़
उपन्यास
Bara Kahaniyan
जमील जालिबी
कहानी
Barf Ki Nao
मुज़फ़्फ़र वारसी
काव्य संग्रह
Barf Par Mukalma
सुरेंद्र प्रकाश
प्रतीकात्मक / कलात्मक कहानियाँ
बराए फ़रोख्त
मोहम्मद हामिद सिराज
अफ़साना
अइम्मा-ए-अहल-ए-बैत के बारह इमाम
शाहिद अहमद
Barf Mein Dhansi Aurat Kuch Kahti Hai
सलमा अावान
महिलाओं की रचनाएँ
Barf Mein Aag
हामिदी काश्मीरी
Muballigh-e-Islam Ki Mumalik Japan Englistan-o-Barma Waghaira Mein Tableeghi Sargarmiyon Ka Tazkira
मोहम्मद सरफ़राज़ हुसैन अज़मी देहलवी
इस्लामियात
Siyah Barf
सायरा हाश्मी
Tazkira-e-Syed Ahmad Badpa
सय्यद शफ़ीक़ अहमद
तज़किरा
Ghathta Barta Pani
फणीश्वर नाथ रेणु
Barf Tapti Hai
मुजाहिद फ़राज़
सुलगती बर्फ़
तनवीर गौहर
Sharah Intikhab-e-Farsi
ज़ियाउद्दीन शम्सी तहरानी
हम अपने दिल से ही मजबूर और लोगों कोज़रा सी बात पे बरपा क़यामतें करनी
न जाने वक़्त की पैकार में तुम किस तरफ़ होगेहै रन ये ज़िंदगी इक रन जो बरपा लम्हा लम्हा है
है सीने में अजब इक हश्र बरपाकि दिल से बे-क़रारी जा रही है
नींद आ जाए तो क्या महफ़िलें बरपा देखूँआँख खुल जाए तो तन्हाई का सहरा देखूँ
हर तरफ़ एक हश्र बरपा है'जौन' ख़ुद से निकल के जा ही नहीं
तसव्वुरात की परछाइयाँ उभरती हैंतुम्हारे घर में क़यामत का शोर बरपा है
अभी तो फ़ित्ने ही बरपा किए हैं आलम मेंउठाएँगे वो क़यामत किसी को क्या मालूम
दर्द इतना है कि हर रग में है महशर बरपाऔर सकूँ ऐसा कि मर जाने को जी चाहता है
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