आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "chaakrii"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "chaakrii"
ग़ज़ल
मेले ठेले झूला चकरी होली दिवाली राखी गोठ
'ईद मोहर्रम ज़ेहन में मेरे बसा हुआ है सब का सब
इसहाक़ असर
ग़ज़ल
सब्र के सारे मदारिज चाकरी करते फिरें
बाँट दूँ सारी सबीलें और ख़ुद प्यासा रहूँ
माजिद जहाँगीर मिर्जा
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "chaakrii"
नज़्म
शिकवा
जू-ए-ख़ूँ मी चकद अज़ हसरत-ए-दैरीना-ए-मा
मी तपद नाला ब-निश्तर कद-ए-सीना-ए-मा
अल्लामा इक़बाल
ग़ज़ल
शकील बदायूनी
ग़ज़ल
चारागरी बीमारी-ए-दिल की रस्म-ए-शहर-ए-हुस्न नहीं
वर्ना दिलबर-ए-नादाँ भी इस दर्द का चारा जाने है
मीर तक़ी मीर
नज़्म
सुब्ह-ए-आज़ादी (अगस्त-47)
जिगर की आग नज़र की उमंग दिल की जलन
किसी पे चारा-ए-हिज्राँ का कुछ असर ही नहीं
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
फ़ितरत-ए-हुस्न तो मा'लूम है तुझ को हमदम
चारा ही क्या है ब-जुज़ सब्र सो होता भी नहीं
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
दरख़्त-ए-ज़र्द
अना को मेरी बे-अंदाज़ा-तर बे-चारा कर डाला
मैं अपने आप में हारा हूँ और ख़्वाराना हारा हूँ
जौन एलिया
नज़्म
मिरे हमदम मिरे दोस्त!
गीत नश्तर तो नहीं मरहम-ए-आज़ार सही
तेरे आज़ार का चारा नहीं नश्तर के सिवा




