आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "chhak.de"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "chhak.de"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "chhak.de"
नज़्म
शिकवा
तू जो चाहे तो उठे सीना-ए-सहरा से हबाब
रह-रव-ए-दश्त हो सैली-ज़दा-ए-मौज-ए-सराब
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
मुझ से पहले
चाहे उम्मीद की शमएँ हों कि यादों के चराग़
मुस्तक़िल बोद बुझा देता है रफ़्ता रफ़्ता
अहमद फ़राज़
नज़्म
जवाब-ए-शिकवा
तुम में हूरों का कोई चाहने वाला ही नहीं
जल्वा-ए-तूर तो मौजूद है मूसा ही नहीं
अल्लामा इक़बाल
शेर
मिलाते हो उसी को ख़ाक में जो दिल से मिलता है
मिरी जाँ चाहने वाला बड़ी मुश्किल से मिलता है
दाग़ देहलवी
ग़ज़ल
आमिर अमीर
ग़ज़ल
कहीं चाक-ए-जाँ का रफ़ू नहीं किसी आस्तीं पे लहू नहीं
कि शहीद-ए-राह-ए-मलाल का नहीं ख़ूँ-बहा उसे भूल जा

