आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "fizza"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "fizza"
उद्धरण
हिन्दुस्तान को उन लीडरों से बचाओ जो मुल्क की फ़िज़ा बिगाड़ रहे हैं और अवाम को गुमराह कर रहे हैं।...
सआदत हसन मंटो
ग़ज़ल
नवेद-ए-जाँ-फ़िज़ा है क्या ख़बर क़ातिल के आने की
बताओ तो सही तुम 'दाग़' ऐसे शादमाँ क्यूँ हो
दाग़ देहलवी
अप्रचलित ग़ज़लें
क्यों न फ़िरदौस में दोज़ख़ को मिला लें यारब
सैर के वास्ते थोड़ी सी फ़ज़ा और सही
मिर्ज़ा ग़ालिब
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "fizza"
विषय
फ़ज़ा
फ़ज़ा शायरी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "fizza"
ग़ज़ल
उस की सुब्हें दिल-कुशा हैं उस की शामें जाँ-फ़िज़ा
खो गया जो शख़्स लुत्फ़-ए-नाला-ए-शब-गीर में
क़ासिम जलाल
नज़्म
बुझी हुई जवानियाँ
न सरख़ुशी न आक़िली न आशिक़ी न बंदगी
न नग़्मा-ए-तरब-फ़िज़ा न ग़म-तराज़-ए-ज़िंदगी
क़ैसर अमरावतवी
ग़ज़ल
किसी की बू-ए-पैराहन गुलिस्ताँ से गुज़रती है
शमीम-ए-जाँ-फ़िज़ा बन कर कभी बाद-ए-सबा हो कर







