आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ghin"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "ghin"
ग़ज़ल
रहा है तू ही तो ग़म-ख़्वार ऐ दिल-ए-ग़म-गीं
तिरे सिवा ग़म-ए-फ़ुर्क़त कहूँ तो किस से कहूँ
बहादुर शाह ज़फ़र
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "ghin"
ई-पुस्तक
लोक-गीत
लोक-गीत
समस्त
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "ghin"
नज़्म
बंजारा-नामा
ये खेप भरे जो जाता है ये खेप मियाँ मत गिन अपनी
अब कोई घड़ी पल सा'अत में ये खेप बदन की है कफ़नी
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
आख़िरी बार मिलो
बातें बस इतनी कि लम्हे उन्हें आ कर गिन जाएँ
आँख उठाए कोई उम्मीद तो आँखें छिन जाएँ





