आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jumbish-e-lab"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "jumbish-e-lab"
ग़ज़ल
मैं जुम्बिश-ए-लब देख के समझा सुख़न-ए-मौज
पुर-वस्फ़ तबस्सुम से तिरे है दहन-ए-मौज
करामत अली शहीदी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
jumbish-e-aab
जुंबिश-ए-आब جُن٘بِشِ آبْ
पानी का बहाव
पुस्तकें के संबंधित परिणाम "jumbish-e-lab"
अन्य परिणाम "jumbish-e-lab"
कुल्लियात
है जुम्बिश-ए-लब मुश्किल जब आन के वह बैठे
जो चाहें सो यूँ कह लें लोग अपनी जगह बैठे
मीर तक़ी मीर
शेर
दूर रहता है मगर जुम्बिश-ए-लब बोस-ओ-कनार
डूबता रहता है दरिया में किनारा क्या क्या
अबुल हसनात हक़्क़ी
ग़ज़ल
मेरी हस्ती भी तिरे जल्वों में गुम होती गई
तेरा जल्वा भी फ़रोग़-ए-ला-मकाँ बनता गया
जुंबिश ख़ैराबादी
ग़ज़ल
यूँ काकुल-ओ-रुख़ अपने तसव्वुर में हैं 'जुम्बिश'
इक मरहला-ए-शाम-ओ-सहर देख रहा हूँ
जुंबिश ख़ैराबादी
ग़ज़ल
क़यामत में लबों पर शिकवा-हा-ए-पुर-जफ़ा ला कर
तिरी मासूम फ़ितरत को पशेमाँ कौन देखेगा
जुंबिश ख़ैराबादी
ग़ज़ल
धुआँ जो बे-कसों की आह का उट्ठा तो ऐ 'जुम्बिश'
चमन वाले पुकार उट्ठे कि वो अब्र-ए-बहार आया
जुंबिश ख़ैराबादी
ग़ज़ल
बेदर्दों के दौर में 'जुम्बिश' ख़ून-ए-तमन्ना होने दो
कोई न कोई आँसू सुर्ख़ी दे देगा अफ़्साने की
जुंबिश ख़ैराबादी
ग़ज़ल
जो रंग-ए-हुस्न-ए-ख़ामोशी है वो खोती है गोयाई
हुआ जब लब-कुशा ग़ुंचा तो बाहर बू निकल आई
जुंबिश ख़ैराबादी
कुल्लियात
रुख़्सत-ए-जुम्बिश-ए-लब इश्क़ की हैरत से नहीं
मुद्दतें गुज़रीं कि हम चुप ही रहा करते हैं