आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "khaarish"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "khaarish"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
KHaamosh
ख़ामोश خاموش
शांत, चुप, मौन, बुझा हुआ, ध्वनि रहित, अवाक्, निर्वाक्, दुखी, उदास, बुझा हुआ, मृत, मरा हुआ, अल्पभाषी, मौन रहने वाला, ग़ैर-आबाद, निर्जन, सुनसान, वीरान
अन्य परिणाम "khaarish"
नज़्म
अली-मोहसिन एम.बी.ए, ख़ालिद-बिन-वलीद रोड
अली-मोहसिन के अब्बा-जी बड़े ही पाक-तीनत थे
मगर उन के पखोड़ों और कमर पर मुस्तक़िल ख़ारिश सी रहती थी
हारिस ख़लीक़
ग़ज़ल
ख़ुद को मुम्ताज़ बनाने की दिली-ख़्वाहिश में
दुश्मन-ए-जाँ से मिली मेरी अना साज़िश में
राही फ़िदाई
नज़्म
ये हवेली गिर रही है
गुम्बदों को धूप की लम्बी ज़बानें खा गई हैं
सहन में ज़ंजीर से जकड़े हुए ख़ारिश-ज़दा
शरवण कुमार वर्मा
नज़्म
एक साहब और नुजूमी
तू कहाँ से आ गया है कान खाने के लिए
तुझ को ख़ारिश का मरज़ है डॉक्टर के पास जा
सय्यद हशमत सुहैल
ग़ज़ल
आज तक ख़ारिश नहीं ज़ख़्म-ए-जिगर की कम हुई
किस क़यामत का मज़ा था नाख़ुन-ए-शमशीर में
आशिक़ हुसैन बज़्म आफंदी
नज़्म
कड़वे तल्ख़ कसीले ज़ाइक़े
शाम के काले सियाह माथे की नंगी मख़रूती ख़ारिश
दोपहरों के जलते गोश्त की तेज़ बिसांद
तबस्सुम काश्मीरी
ग़ज़ल
हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले
मिर्ज़ा ग़ालिब
शेर
हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले
बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
कोई मेरे दिल से पूछे तिरे तीर-ए-नीम-कश को
ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता
मिर्ज़ा ग़ालिब
नज़्म
शिकवा
नाले बुलबुल के सुनूँ और हमा-तन गोश रहूँ
हम-नवा मैं भी कोई गुल हूँ कि ख़ामोश रहूँ









