आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "khasta"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "khasta"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "khasta"
शेर
'ग़ालिब'-ए-ख़स्ता के बग़ैर कौन से काम बंद हैं
रोइए ज़ार ज़ार क्या कीजिए हाए हाए क्यूँ
मिर्ज़ा ग़ालिब
नज़्म
रामायण का एक सीन
देखा तो एक दर में है बैठी वो ख़स्ता-हाल
सकता सा हो गया है ये है शिद्दत-ए-मलाल
चकबस्त बृज नारायण
ग़ज़ल
उस के कूचे में है नित सूरत-ए-बेदाद नई
क़त्ल हर ख़स्ता बा-अंदाज़-ए-दिगर होता है
मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
ग़ज़ल
मरहम की जुस्तुजू में फिरा हूँ जो दूर दूर
तन से सिवा फ़िगार हैं इस ख़स्ता-तन के पाँव
मिर्ज़ा ग़ालिब
क़ितआ
हम खस्ता-तनों से मुहतसिबो क्या माल-मनाल का पूछते हो
जो उम्र से हम ने भर-पाया सब सामने लाए देते हैं


