आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "mam"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "mam"
नज़्म
दरख़्त-ए-ज़र्द
हज़ारों साल से जीते चले आए हैं मर मर के
शुहूद इक फ़न है और मेरी अदावत बे-फ़नों से है
जौन एलिया
हास्य
चाहते ये थे मैं कुछ हाल-ए-दिल-ए-रूदाद-ए-ग़म
मुँह से सिर्फ़ इतना ही निकला मम्मा-मम्मा-मम्मा-मम
दिलावर फ़िगार
हास्य
वो डिग्री की बजाए मेम ले कर लौट आया है
मिला था दाख़िला जिस को समुंदर-पार कॉलेज में
इनाम-उल-हक़ जावेद
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "mam"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "mam"
शेर
वो डिग्री की बजाए मेम ले कर लौट आया है
मिला था दाख़िला जिस को समुंदर-पार कॉलेज में
इनाम-उल-हक़ जावेद
हास्य
वो डिग्री की बजाए मेम ले कर लौट आया है
मिला था दाख़िला जिस को समुंदर-पार कॉलेज में
इनाम-उल-हक़ जावेद
नज़्म
ये चुन्नू ख़ाँ का क़िस्सा है
वो कहते खाने को हप्पा
वो कहते पानी को मम मम
मोहम्मद शफ़ीउद्दीन नय्यर
ग़ज़ल
यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का
वो जो सिमटते होंगे उन में वो तो मर जाते होंगे











