आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "murdan"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "murdan"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "murdan"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "murdan"
ग़ज़ल
ख़ाकसारी ने दिखाया बा'द-ए-मुर्दन भी 'उरूज
आसमाँ तुर्बत पर मेरे शामियाना हो गया
भारतेंदु हरिश्चंद्र
ग़ज़ल
गोया फ़क़ीर मोहम्मद
ग़ज़ल
नज़दीक अपने हम ने तो सब कर रखा है सहल
फिर 'मीर' इस में मुर्दन-ए-दुश्वार क्यूँ न हो
मीर तक़ी मीर
ग़ज़ल
बा'द-ए-मुर्दन खींच लाया जज़्ब-ए-दिल सीने पे हाथ
इक अँगूठी में जो पहने था निशानी आप की
रशीद लखनवी
ग़ज़ल
पस-ए-मुर्दन तो रहने दे ज़मीं पर ऐ सबा मुझ को
कि मिट्टी ख़ाकसारों की नहीं बर्बाद करते हैं
भारतेंदु हरिश्चंद्र
ग़ज़ल
बा'द मुर्दन भी है बाक़ी मेरी नालों का असर
तार-ए-मुतरिब का है 'आलम हर कफ़न की तार पर
गोया फ़क़ीर मोहम्मद
ग़ज़ल
क़ुर्बान अली सालिक बेग
ग़ज़ल
क़दम-बोसी मयस्सर हो किसी सूरत से उस बुत की
'जमीला' बा'द-ए-मुर्दन ख़ाक-ए-कू-ए-यार हो जाना
जमीला ख़ुदा बख़्श
ग़ज़ल
मर मिटे हम इश्क़ के शोहरे वही हैं चार सू
शोर-ए-रुस्वाई पस-ए-मुर्दन भी अपना कम नहीं
मुंशी अमीरुल्लाह तस्लीम
ग़ज़ल
उम्र आख़िर हुई अफ़्सोस बड़ी ग़फ़लत से
दम-ए-मुर्दन ही किया मौत ने होशियार मुझे




