आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "public"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "public"
तंज़-ओ-मज़ाह
रशीद अहमद सिद्दीक़ी
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "public"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "public"
हास्य
पब्लिक से क्यूँ डरूँ कोई लीडर नहीं हूँ मैं
क्यूँ रेगुलर चलूँ मह ओ अख़्तर नहीं हूँ मैं
दिलावर फ़िगार
नज़्म
पाक ओ हिन्द यक-जेहती
परेशाँ हाल है पब्लिक मगर दोनों मुमालिक के
मिरासी क्रिकेटर फ़िल्मी सितारे एक जैसे हैं
खालिद इरफ़ान
हास्य
मुख़्तसर से इब्तिदाई वाक़िए जो कुछ लिखे
क्या अजब काफ़ी हों ये पब्लिक की इबरत के लिए
ज़रीफ़ लखनवी
नज़्म
मैं नशे में हूँ
पब्लिक से झूटे वादे भी कर लेते हैं सभी
मैं नय भी इख़्तियार की ये पॉलीसी जभी
सय्यद मोहम्मद जाफ़री
उद्धरण
हमारा इरादा है कि “सुर्ख़ी” के नाम से एक रोज़नामा निकालें और पब्लिक की ख़िदमत करें।...
इब्न-ए-इंशा
हास्य
हम पे ग़फ़लत हुई तारी तो ''करप्शन'' भी सवार
लाख रोती रही पब्लिक न सुनी उस की ''पुकार''
नज़र बर्नी
नज़्म
सियासी बैंगन
पब्लिक के फँसाने को सब जाल के फंदे थे
ये देश ये अमामा और सुब्हा-ए-सद-दाना
ज़रीफ़ लखनवी
हास्य
हमारे लीडरों की कामयाबी का ये नुक्ता है!
''जो करना है'' रखो दिल में वो पब्लिक में बयाँ क्यूँ हो?
नज़र बर्नी
नज़्म
जदीद-तरीन आदमी-नामा
पब्लिक से जिस ने वोट लिया वो भी आदमी
रिश्वत का जिस ने नोट लिया वो भी आदमी
सरफ़राज़ शाहिद
नज़्म
कराची का ट्रैफ़िक
कितना अच्छा है कराची में ट्रैफ़िक का निज़ाम
न तो पब्लिक न पुलिस वालों के मुँह में है लगाम



