आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "raqiibaa.n"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "raqiibaa.n"
ग़ज़ल
रक़ीबाँ की न कुछ तक़्सीर साबित है न ख़ूबाँ की
मुझे नाहक़ सताता है ये इश्क़-ए-बद-गुमाँ अपना
मज़हर मिर्ज़ा जान-ए-जानाँ
ग़ज़ल
शेर आशिक़ आज के दिन क्यूँ रक़ीबाँ पे न हों
यार पाया है बग़ल में ख़ाना-ए-ख़ुरशीद है
आबरू शाह मुबारक
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "raqiibaa.n"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "raqiibaa.n"
ग़ज़ल
किस ज़ुल्फ़ को सुलझाएँ रक़ीबान-ए-सियह-कार
छूता नहीं इस ज़ुल्फ़ को फिर शाना हमारा
शाद अज़ीमाबादी
ग़ज़ल
नहीं मा'लूम था ग़ाैल-ए-रक़ीबाँ साथ चलता है
न कोई हाल पूछेगा न ग़म-ख़्वारी कभी होगी
किश्वर नाहीद
नज़्म
मुशाएरा
बहुत से और भी शाएर वहाँ पर आएँगे
चलो कि मर्ग-ए-रक़ीबाँ का लुत्फ़ उठाएँगे




