आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "saane"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "saane"
ग़ज़ल
मोमिन ख़ाँ मोमिन
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "saane"
ई-पुस्तक
संत वाणी
संत वाणी
अन्य परिणाम "saane"
नज़्म
बे-परवाह उम्र
मोटे मोटे आँसू लिए कोने में बैठी सी हूँ
बारिशों में छप छप कर मिट्टी में सने पाँव
दिव्या महेश्वरी
ग़ज़ल
क्या बनाए साने-ए-क़ुदरत ने प्यारे हाथ पाँव
नूर के साँचे में ढाले हैं तुम्हारे हाथ पाँव
आग़ा अकबराबादी
ग़ज़ल
इक हर्फ़-ए-कुन में जिस ने कौन-ओ-मकाँ बनाया
सारे जहाँ का तुझ को आराम-ए-जाँ बनाया
मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
कुल्लियात
रहा न होगा ब-ख़ुद साने’-ए-अज़ल भी तब
बनाया होगा जब उस मुँह को दस्त-ए-क़ुदरत से











