आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sahe"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "sahe"
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "sahe"
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "sahe"
नज़्म
शाम-ए-अयादत
तबस्सुमश तकल्लुमे तकल्लुमश तरन्नुमे
नफ़स नफ़स में थरथराता साज़-ए-जाँ लिए हुए
फ़िराक़ गोरखपुरी
ग़ज़ल
बहादुर शाह ज़फ़र
नज़्म
सब जानते हैं इल्म से है ज़िंदगी की रूह
सदमे उठाए रंज सहे गालियाँ सुनीं
लेकिन न छोड़ा क़ौम के ख़ादिम ने ये काम
अकबर इलाहाबादी
नज़्म
दरीचे के क़रीब
लज़्ज़त-ए-शब से तिरा जिस्म अभी चूर सही
आ मिरी जान मेरे पास दरीचे के क़रीब
नून मीम राशिद
ग़ज़ल
जिस नाले से दुनिया बेकल है वो जलते दिल की मशअल है
जो पहला लूका ख़ुद न सहे वो आग लगाना क्या जाने
आरज़ू लखनवी
ग़ज़ल
इक उम्र नुमू की ख़्वाहिश में मौसम के जब्र सहे तो खुला
हर ख़ुशबू आम नहीं होती हर फूल गुलाब नहीं होता
सलीम कौसर
नज़्म
तुम ने लिक्खा है
जी में आता है कि मैं भी तुम्हें बदनाम करूँ
तुम्हें बदनाम करूँ और सर-ए-आम करो
प्रेम वारबर्टनी
ग़ज़ल
ज़िया जालंधरी
नज़्म
मुद्दत के बाद
चेहरे पे उम्र भर की मसाफ़त रक़म सही
दिल के लिए तमाम सफ़र लम्हा भर का था





