aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "secular"
कृष्ण सुकुमार
शायर
सेकुलर डेमोक्रेटिक लिटेररी कलचरल फौरम
पर्काशक
इदारा सेकुलर क़यादत, दिल्ली
सुकुमार सरकार
संपादक
स्कॉलर पब्लिशिंग हाउस, दिल्ली
तीसरा दौर साहित्यिक संस्कृत का है। जिसमें मशहूर महाकाव्य (रामायण और महाभारत), प्राचीन कवियों का कलाम, नाटक, पद्यबद्ध स्मृतियां, मनुस्मृति और कात्यायन और पतंजलि की व्याख्याएं और टिप्पणियां वग़ैरह शामिल हैं।...
यानी पश्चिमीपन आधुनिकीकरण का ज़रूरी हिस्सा है मगर संपूर्ण आधुनिकीकरण नहीं है। पश्चिमीपन जब ज्ञान और बुद्धि पर ज़ोर देता है, तो वह प्रकृति पर विजय (तस्ख़ीर-ए-फ़ितरत) का ध्वजवाहक होता है। यह मानवतावाद की तरफ़ ले जाता है।...
मगर अब मुश्किल यह पेश आई कि खंभे से हाथ कैसे निकाले। अगर हाथ अलग करे तो चने ज़मीन पर गिरेंगे और यह उसे मंज़ूर न था। लड़का रोने लगा। बाप की समझ में कोई तरकीब न आई। वह दौड़ा लाल बुझक्कड़ के पास पहुंचा और उसको सारा माजरा कह...
जाते हैं, मसनूई (बनावटी), मुस्तआर (उधार ली हुई), महदूद (सीमित) कहकर उस पर ख़ंदा-ज़न होना (हँसना/मज़ाक उड़ाना) किसी तरह क़रीन-ए-इंसाफ़ (न्यायसंगत) नहीं। मेरे उस्ताद ख़्वाजा मंज़ूर हुसैन ने "ग़ज़ल का रूप बहरूप" के नाम से एक किताब लिखी है जिसमें वाज़ेह (स्पष्ट) किया गया है कि उर्दू ग़ज़ल में सितमगर,...
व्यक्तिवाद पर क्यों ज़ोर बढ़ा है। वर्ग किस तरह बदल रहे हैं और शहरों का आकर्षण क्या रंग ला रहा है। फिर इनसे यह भी मालूम हुआ कि व्यक्ति के ज़ेहन या अंतर्मन में क्या क्रांति हुई है। मान्यताएं किस तरह उलट-पुलट हो रही हैं।...
सबसे प्रख्यात एवं प्रसिद्ध शायर. अपने क्रांतिकारी विचारों के कारण कई साल कारावास में रहे।
secular secular
ला-दीनी
specular specular
आहनी आईने की तरह का नीज़ रुक
specular iron ore specular iron ore
चमकदार लौह पत्थर, संग आहन।
इज़ इस्लाम सेक्युलर ?
रफ़ीक़ ज़करिय्या
1989धर्म-शास्त्र
क़दीम हिंदुस्तान की सैक्यूलर रिवायात
मुजीब अशरफ़
2013इतिहास
प्रेम चंद का सेकुलर किरदार और दीगर मज़ामीन
मानिक टाला
2001शोध एवं समीक्षा
Urdu Ka Secular Kirdar
शहाब इनायत मलिक
2008
Secular Awami Kirdar Aur Nazeer Akbarabadi
आलम शमस
2010शोध एवं समीक्षा
सेकुलर डेमेक्रेसी
सुभद्रा जोशी
1974
Secular Aur Watan Parast Jinnah
डॉक्टर अजीत जावेद
2006
Secular Jamhooriyat aur Islam
इनामुर्रहमान ख़ान
1970
1972
सैकुलर महाज़
रियाज़ अज़ीमाबादी
2010
Communism has liberated the Russian woman from centuries of subjugation. Today, Russia features communal kitchens, and there are provisions for childcare right in the agricultural fields. Marriage is no longer based on religion or any legal contract, though individuals of communist persuasion remain steadfastly secular....
लकीर मौजूद थी और इसका संबंध दोनों क़ौमों की अलग-अलग जीवन शैलियों और समग्र परिप्रेक्ष्य से था। ज़ाहिर है कि यह धारणा सिरे से ग़लत है और उर्दू की साहित्यिक परंपरा के संदर्भ में इसके औचित्य की कोई सूरत दिखाई नहीं देती।...
पर दिया गया। इसमें कोई दो राय नहीं कि उर्दू में जदीदियत तरक़्क़ी-पसंदी के रद्दे-अमल (प्रतिक्रिया) के तौर पर उभरी और जदीदियत को इतनी वैचारिक ताक़त वजूदियत या अजनबीपन से नहीं मिली जितनी तरक़्क़ी-पसंदी के एंटी-एजेंडे से मिली, बल्कि वजूदियत या अजनबीपन की वैचारिक बुनियादों को भी इस एंटी-एजेंडे के...
लिखने में दूसरी लिपियों की तुलना में यह एक तिहाई जगह कम लेती है और इसी लिहाज़ से इसमें वक़्त भी कम लगता है।...
कलीमुद्दीन अहमद साहब का ज़ेहन इस बात को तस्लीम करने (तस्लीम करना क्या, इसका सामना भी करने) पर तैयार नहीं कि वह मत्न (पाठ) जिसमें हेनरी जेम्स के नॉवेल जैसी तथाकथित वाक़ेइयत न हो और जिसमें अक़्ल को हैरान करने वाली (हैरतअंगेज़) बातें बयान की गई हों, वह "संजीदा" और...
शुरुआती दौर के नस्री (गद्य) किस्सों को ध्यान में रखा जाए तो निम्नलिखित रचनाओं पर गौर करना होगा। फ़ज़ली की 'करबल कथा', ईसवीं खां की 'दास्तान मेहर अफ़रोज़ ओ दिलबर', शाह आलम से मंसूब 'अजायब-उल-क़सस', तहसीन की 'नौतर्ज़-ए-मुरस्सा', इंशा की 'रानी केतकी की कहानी' और फिर फोर्ट विलियम के असर...
मुआसिर अदब (समकालीन साहित्य) में खांडेकर का शोहरए-आफ़ाक़ (विश्व प्रसिद्ध) नॉवेल ''मायावती'', गिरीश कर्नाड का मशहूर ड्रामा ''नाग मंडलम'' (दोनों ज्ञानपीठ अवार्ड), रमाकांत रथ का मजमूअ-ए-कलाम (काव्य संग्रह) ''श्री राधा'' (सरस्वती सम्मान), प्रतिभा राय का तानीसी (नारीवादी) नॉवेल ''द्रौपदी'' वग़ैरह बीसियों नई मिसालों में से कुछ हैं।...
हिंदुस्तानी समाज चूंकि अलग-अलग धर्मों, अलग-अलग समुदायों और अलग-अलग तहज़ीबों का समाज था, इसलिए इसमें वह सामाजिक एकरूपता पैदा नहीं हो सकती थी जो समान रूप से पूरी कौम के दिलों को गरमा सके और समान रूप से अवाम के हर स्तर को प्रभावित कर सके।...
तेरे मज़हब में आस्था है मिरीतू भी सैकूलर हो कामना है मिरी
ही चाहिए। लेकिन वे सेकुलरिज्म का दम भरने के बावजूद ऐसी बातों पर भी अमल करते रहते हैं जिन पर चलने की उनके मज़हब में ताकीद (ज़ोर) दी गई है। ऐसे लोग भी हैं जो अपने आप को सेकुलर कहते हैं, सिर्फ़ इसलिए कि कोई उनसे यह न पूछे कि...
यक़ीननख़ुदा सैकूलर है
इसके बाद शहंशाह जहाँगीर के शासनकाल में रामायण का तर्जुमा मुल्ला सादुल्लाह मसीह कैरानवी ने किया था, जिसमें श्लोकों की तादाद 5407 है। सनातन धर्म का ज़्यादातर प्रचार साहित्य उर्दू ज़बान में है। यह संग्रह इतना बड़ा है कि हिंदू मज़हब से संबंधित हिंदुस्तान की दूसरी ज़बानों के मुक़ाबले में,...
ये तरीक़े बहुत हैं और इनको दोहराना दिलचस्प ज़रूर है, मगर इन सबसे जो बात निकलती है वह एक ही है। एक तरफ़ तख़य्युल को एक इल्हामी ताक़त कहा जाता है जो नए ख्यालों और धारणाओं (तसव्वुरात) को समेटती है और इसका काम ख्यालों की रचना (तख़लीक़) है।...
इस पर कुछ लोगों को एतराज़ हो सकता है लेकिन मज़हब को ग़ैर-मज़हबी बनाना साहित्य का कमाल है। मज़हब का मक़ाम बुलंद सही, लेकिन साहित्य की दुनिया यही बताती है कि साहित्य अक़ीदे, फ़लसफ़े, सियासत, नज़रिए सबसे आगे जाता है, इसलिए कि जहाँ मज़हब की अपील सिर्फ़ अक़ीदतमंद (श्रद्धालु) के...
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