आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "suu-e-daar"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "suu-e-daar"
ग़ज़ल
कभी सू-ए-दश्त निकल पड़े कभी सू-ए-दार चले गए
तिरी चाह में न कहाँ कहाँ तिरे बे-क़रार चले गए
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
परिणाम "suu-e-daar"
कभी सू-ए-दश्त निकल पड़े कभी सू-ए-दार चले गए
तिरी चाह में न कहाँ कहाँ तिरे बे-क़रार चले गए