आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zab.h"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "zab.h"
ग़ज़ल
मुझे आता है क्या क्या रश्क वक़्त-ए-ज़ब्ह उस से भी
गला जिस दम लिपट कर ख़ंजर-ए-क़ातिल से मिलता है
दाग़ देहलवी
ग़ज़ल
ज़ब्ह कर के मुझे नादिम ये हुआ वो क़ातिल
हाथ में फिर कभी ख़ंजर न लिया मेरे बा'द
मुनव्वर ख़ान ग़ाफ़िल
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
रेख़्ता शब्दकोश
zabu'
ज़बु'ضَبُع
بجو ، ایک گوشت خور وحشی جانور جو دن کو زمین کے اندر رہتا ہے ، رات کو غذا کی تلاش میں نکتا ہے ، چھوٹے چھوٹے جانوروں اور نباتات پر زندگی بسر کرتا ہے ، رات کو موقع پر تازہ خام قبروں کو کھود کر نعش خراب کر دیتا ہے ۔
zabii
ज़बीظَبِی
हरिण, मृग, हिरन, आहू।।
अन्य परिणाम "zab.h"
ग़ज़ल
उधर मुँह फेर कर क्या ज़ब्ह करते हो इधर देखो
मिरी गर्दन पे ख़ंजर की रवानी देखते जाओ
फ़ानी बदायुनी
शेर
ये अजीब माजरा है कि ब-रोज़-ए-ईद-ए-क़ुर्बां
वही ज़ब्ह भी करे है वही ले सवाब उल्टा
इंशा अल्लाह ख़ान इंशा
ग़ज़ल
तिरे नौकर तिरे दर पर 'असद' को ज़ब्ह करते हैं
सितमगर नाख़ुदा तरस-आश्ना-कुश माजरा क्या है
मिर्ज़ा ग़ालिब
शेर
जहाँ इंसानियत वहशत के हाथों ज़ब्ह होती हो
जहाँ तज़लील है जीना वहाँ बेहतर है मर जाना
गुलज़ार देहलवी
ग़ज़ल
जहाँ इंसानियत वहशत के हाथों ज़ब्ह होती हो
जहाँ तज़लील है जीना वहाँ बेहतर है मर जाना


