आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zulmat"
अत्यधिक संबंधित परिणाम "zulmat"
नज़्म
सुब्ह-ए-आज़ादी (अगस्त-47)
सुना है हो भी चुका है फ़िराक़-ए-ज़ुल्मत-ओ-नूर
सुना है हो भी चुका है विसाल-ए-मंज़िल-ओ-गाम
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
ग़ज़ल
अल्लामा इक़बाल
पृष्ठ के संबंधित परिणाम "zulmat"
विषय
ज़ुल्म
ज़ुल्म शायरी
शब्दकोश से सम्बंधित परिणाम
अन्य परिणाम "zulmat"
नज़्म
ख़ून फिर ख़ून है
ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है बढ़ता है तो मिट जाता है
ख़ून फिर ख़ून है टपकेगा तो जम जाएगा
साहिर लुधियानवी
ग़ज़ल
जिन्हें मैं ढूँढता था आसमानों में ज़मीनों में
वो निकले मेरे ज़ुल्मत-ख़ाना-ए-दिल के मकीनों में
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
मस्जिद-ए-क़ुर्तुबा
जिन की निगाहों ने की तर्बियत-ए-शर्क़-ओ-ग़र्ब
ज़ुल्मत-ए-यूरोप में थी जिन की ख़िरद-राह-बीं
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
हिरास
यूँ अचानक तिरे आरिज़ का ख़याल आता है
जैसे ज़ुल्मत में कोई शम्अ भड़क उठती है
साहिर लुधियानवी
नज़्म
लेनिन
यूरोप में बहुत रौशनी-ए-इल्म-ओ-हुनर है
हक़ ये है कि बे-चश्मा-ए-हैवाँ है ये ज़ुल्मात
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
तस्वीर-ए-दर्द
ये सब कुछ है मगर हस्ती मिरी मक़्सद है क़ुदरत का
सरापा नूर हो जिस की हक़ीक़त मैं वो ज़ुल्मत हूँ
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
किस से मोहब्बत है
वो मेरी जुरअतों पर बे-नियाज़ी की सज़ा देना
हवस की ज़ुल्मतों पर नाज़ की बिजली गिरा देना
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
एक लड़की
मगर जो बोली तो उस के लहजे में वो थकन थी
कि जैसे सदियों से दश्त-ए-ज़ुल्मत में चल रही हो
