आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "bajaa.e.n"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "bajaa.e.n"
ग़ज़ल
अपनी डफ़ली अलग बजाएँ और किसी की सुन न पाएँ
फिर भी कहें सब साथ निबाहें कब तक आख़िर आख़िर कब तक
ज़ुबैर बहादुर जोश
ग़ज़ल
गीत सुरीला तान अनोखी नश्शे का आलम कैफ़ सरापा
जैसे कनहय्या बंसी बजाएँ उफ़ री जवानी हाए ज़माने
हबीब आरवी
ग़ज़ल
ख़िराम-ए-नाज़-ए-गुलचीं देख कर बाद-ए-सबा ठहरे
बजाएँ चुटकियाँ ग़ुंचे तो बुलबुल की सदा ठहरे
जहूर बिस्वानी
ग़ज़ल
ग़म अगरचे जाँ-गुसिल है प कहाँ बचें कि दिल है
ग़म-ए-इश्क़ गर न होता ग़म-ए-रोज़गार होता
मिर्ज़ा ग़ालिब
ग़ज़ल
वक़्त आने दे दिखा देंगे तुझे ऐ आसमाँ
हम अभी से क्यूँ बताएँ क्या हमारे दिल में है