आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "colonel"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "colonel"
ग़ज़ल
दिल है ये ग़ुंचा नहीं है इस का उक़्दा ऐ सबा
खोलने का जब तलक आवे न ढब खुलता नहीं
बहादुर शाह ज़फ़र
ग़ज़ल
घर के दरबानों ने सारे घर पे क़ब्ज़ा कर लिया
हम ने आँखें खोलने में किस क़दर ताख़ीर की