आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sumuum"
ग़ज़ल के संबंधित परिणाम "sumuum"
ग़ज़ल
सुमूम-ए-वक़्त ने लहजे को ज़ख़्म ज़ख़्म किया
वगरना हम ने क़रीने सबा के रक्खे थे
अमजद इस्लाम अमजद
ग़ज़ल
मजाल क्या जो किसी गुल को छू ले बाद-ए-सुमूम
हम अपने तर्ज़-ए-अमल से ख़िज़ाँ बनाते हैं
ख़ुर्शीद तलब
ग़ज़ल
हनीफ़ असअदी
ग़ज़ल
तहरीक-ए-ज़ुल्फ़ से तिरी बाद-ए-सुमूम ने
कहते हैं दश्त-ओ-दर में दिए बाट बाट साँप
मुसहफ़ी ग़ुलाम हमदानी
ग़ज़ल
'नजमी' सुना है तुम पे भी मौसम है मेहरबाँ
बाद-ए-सुमूम से कभी पुर्वाई माँग लो