आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "मुसल्ले"
नज़्म के संबंधित परिणाम "मुसल्ले"
नज़्म
''चौकी आँगन में बिछी वास्ती दूल्हा के लिए''
मक्के मदीने के पाक मुसल्ले पयम्बर घर नवासे
जौन एलिया
नज़्म
जो सारा दिन मुसल्ले पर दु'आओं के पहाड़ ता'मीर करती रहती है
कब तक यूँ पागलों से उधार लिए क़हक़हों से
मंज़र लतीफ़
नज़्म
ज़बान-ए-शुस्ता-ओ-रफ़्ता पे नस्तालीक़ बोली है
मुसल्ले पर मुरादाबाद के पानों की ढोली है
शोरिश काश्मीरी
नज़्म
जो सारा दिन मुसल्ले पर दु'आओं के पहाड़ ता'मीर करती रहती है
कब तक यूँ पागलों से उधार लिए क़हक़हों से
मंज़र लतीफ़
नज़्म
क़हर तो ये है कि काफ़िर को मिलें हूर ओ क़ुसूर
और बेचारे मुसलमाँ को फ़क़त वादा-ए-हूर
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
क्या कहा बहर-ए-मुसलमाँ है फ़क़त वादा-ए-हूर
शिकवा बेजा भी करे कोई तो लाज़िम है शुऊर