आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "behis"
नज़्म के संबंधित परिणाम "behis"
नज़्म
बशर नवाज़
नज़्म
जो लुट कर आए हैं उन को सब्र आते आते आएगा
लेकिन इस बेहिस दुनिया में एहसास-ए-हक़ीक़त कौन करे
अबुल फ़ितरत मीर ज़ैदी
नज़्म
ख़ुशियों की तलाश में, हम जीते-जी लाश हुए
इस क़दर बेहिस-ओ-बद-हवास हुए, हम ख़ुद से ही उदास हुए
परवेज़ शहरयार
नज़्म
पत्थरों की इसी अंजुमन का मुग़न्नी हूँ मैं
और बेदर्द बे-हिस सितमगार पत्थर सुनेंगे कभी