आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "dam"
नज़्म के संबंधित परिणाम "dam"
नज़्म
ग़ैर की बस्ती है कब तक दर-ब-दर मारा फिरूँ
ऐ ग़म-ए-दिल क्या करूँ ऐ वहशत-ए-दिल क्या करूँ
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
चंद रोज़ और मिरी जान फ़क़त चंद ही रोज़
ज़ुल्म की छाँव में दम लेने पे मजबूर हैं हम
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
हबीब जालिब
नज़्म
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
गुलशन-ए-याद में गर आज दम-ए-बाद-ए-सबा
फिर से चाहे कि गुल-अफ़शाँ हो तो हो जाने दो
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
जावेदाँ पैहम दवाँ हर-दम जवाँ है ज़िंदगी
अपनी दुनिया आप पैदा कर अगर ज़िंदों में है