आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "doraa.e"
नज़्म के संबंधित परिणाम "doraa.e"
नज़्म
जिस में सदियों के तहय्युर के पड़े हों डोरे
क्या तुझे रूह के पत्थर की ज़रूरत होगी
अहमद नदीम क़ासमी
नज़्म
यूँही देखूँ जो राखी को तो ये रंगीन डोरा है
जो देखूँ ग़ौर से इस को तो है ज़ंजीर लोहे की
फौज़िया मुग़ल
नज़्म
जब उड़ेगी उन की चश्म-ए-दाम-ए-परवरदा में ख़ाक
नर्म डोरे तेरी आँखों के रहेंगे ताबनाक
जोश मलीहाबादी
नज़्म
तुम्हारी ज़ुल्फ़ से महकी हुई रातों में खो जाऊँ
इसे मैं कैसे समझाऊँ कि अब ये साँस का डोरा
वसीम बरेलवी
नज़्म
प लफ़्ज़ एहसास दीद इक दूसरे का पैवंद हो गए हैं
नुमू-ओ-तख़्लीक़ के अमल बार बार दोहराए जा रहे हैं