आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ifraat-e-zar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "ifraat-e-zar"
नज़्म
इफ़रीत-ए-सीम-ओ-ज़र के कलेजे में क्यूँ है फाँस
क्यूँ रुक रही है सीने में तहज़ीब-ए-नौ की साँस
मख़दूम मुहिउद्दीन
नज़्म
सालहा बे-दस्त-ओ-पा हो कर बुने हैं तार-हा-ए-सीम-ओ-ज़र
उन के मर्दों के लिए भी आज इक संगीन जाल
नून मीम राशिद
नज़्म
उस की बींनिश उस की वज्दानी-निगाह-ए-हक़-शनास
कर गई जो चेहरा-ए-इफ़्लास-ए-ज़र को बे-नक़ाब
वामिक़ जौनपुरी
नज़्म
जो कुश्तगान-ए-तिलिस्म-ए-ज़र की हयात-ए-ताज़ा का मो'जिज़ा है
जो अहद-ए-हाज़िर के साहिरों
हिमायत अली शाएर
नज़्म
क़ल्ब मेरा दौलत-ए-एहसास खो सकता नहीं
आब-ओ-ताब-ए-ज़र में ख़ुद्दारी डुबो सकता नहीं
नख़्शब जार्चवि
नज़्म
कहीं ये ख़ूँ से फ़र्द-ए-माल-ओ-ज़र तहरीर करती है
कहीं ये हड्डियाँ चुन कर महल ता'मीर करती है
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
अमीरों को निसाब-ए-सीम-ओ-ज़र मुफ़्लिस तही-दामन
तिरा दस्त-ए-करम अब्र-ए-करम ऐसा न होना था
अफ़सर सीमाबी अहमद नगरी
नज़्म
अभी दिमाग़ पे क़हबा-ए-सीम-ओ-ज़र है सवार
अभी रुकी ही नहीं तेशा-ज़न के ख़ून की धार