आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "jaraa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "jaraa"
नज़्म
किस की आँखों में समाया है शिआर-ए-अग़्यार
हो गई किस की निगह तर्ज़-ए-सलफ़ से बे-ज़ार
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
वो हँसती हो तो शायद तुम न रह पाते हो हालों में
गढ़ा नन्हा सा पड़ जाता हो शायद उस के गालों में
जौन एलिया
नज़्म
लेकिन अब ज़ुल्म की मीआद के दिन थोड़े हैं
इक ज़रा सब्र कि फ़रियाद के दिन थोड़े हैं
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
अख़्तर शीरानी
नज़्म
हर मंज़िल में अब साथ तिरे ये जितना डेरा-डांडा है
ज़र दाम-दिरम का भांडा है बंदूक़ सिपर और खांडा है
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
हम ने ख़ुद शाही को पहनाया है जमहूरी लिबास
जब ज़रा आदम हुआ है ख़ुद-शनास-ओ-ख़ुद-निगर
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
थी नज़र हैराँ कि ये दरिया है या तस्वीर-ए-आब
जैसे गहवारे में सो जाता है तिफ़्ल-ए-शीर-ख़्वार