आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "maile"
नज़्म के संबंधित परिणाम "maile"
नज़्म
ज़िंदगी के मैले में ख़्वाहिशों के रेले में
तुम से क्या कहें जानाँ इस क़दर झमेले में
अमजद इस्लाम अमजद
नज़्म
घुला घुला सा फ़लक है धुआँ धुआँ सी है शाम
है झुटपुटा कि कोई अज़दहा है माइल-ए-ख़्वाब
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
नए कपड़े पहन कर घर से निकलो मैले हो जाओ
कोई ख़ुश्बू लगाने का इरादा हो तो शीशी हाथ से गिर जाए
सलीम कौसर
नज़्म
हर ज़बाँ पर अब सला-ए-जंग है ये भी तो देख
फ़र्श-ए-गीती से सकूँ अब माइल-ए-परवाज़ है
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
मैले फटे लिबास में कुछ देवियाँ भी हैं
सब ज़िंदगी से तंग भी हैं सरगिराँ भी हैं