आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "munavaar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "munavaar"
नज़्म
जिन की आँखों को रुख़-ए-सुब्ह का यारा भी नहीं
उन की रातों में कोई शम्अ मुनव्वर कर दे
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
शम-ए-हक़ से जो मुनव्वर हो ये वो महफ़िल न थी
बारिश-ए-रहमत हुई लेकिन ज़मीं क़ाबिल न थी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
जब चौदहवीं शब का चाँद निकल कर दहर मुनव्वर करता है
जब कोई मोहब्बत का मारा कुछ ठंडी साँसें भरता है
बहज़ाद लखनवी
नज़्म
शम-ए-हक़ से जो मुनव्वर हो ये वो महफ़िल न थी
बारिश-ए-रहमत हुई लेकिन ज़मीं क़ाबिल न थी