आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "surma-saa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "surma-saa"
नज़्म
में हैं धनक क़ौसें न मसकारे से पलकों को शब की स्याही दी
न सुरमे से बनाई तूर सी आँखें
सादिया सफ़दर सादी
नज़्म
ज़ख़्म से उठने वाली टीसें ओस की ठंडक पीती हैं
आज न पूछो दुखने लगी है सुरमे से क्यूँ उस की आँख
अली अकबर नातिक़
नज़्म
वो चूड़ियों की ताल पर भी कैफ़ था फ़ज़ाओं में
वो सुरमई सी शाम में किसी हसीन गाँव में