आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "tifl-e-maktab"
नज़्म के संबंधित परिणाम "tifl-e-maktab"
नज़्म
अख़्तरुल ईमान
नज़्म
अभी तक इस ज़वाल-ए-दिलबरी का दिल को मातम है
मैं हैराँ हूँ कि क्या यज़्दाँ भी कोई तिफ़्ल-ए-मकतब है
उबैदुर्रहमान आज़मी
नज़्म
जागते हैं नग़्मा-दर-जाँ रक़्स बरपा ख़ंदा-बर-लब
और मना लेते हैं तन्हाई में जश्न-ए-माहताब
नून मीम राशिद
नज़्म
बे-तकल्लुफ़ तिफ़्ल-ए-शोख़-ओ-शैख़-ए-शैब-ओ-मर्द-ओ-ज़न
आज मशग़ूल-ए-तरब हैं लुत्फ़-ए-बाहम के लिए
नवाब सय्यद हकीम अहमद नक़्बी बदायूनी
नज़्म
जैसे गहवारे में सो जाता है तिफ़्ल-ए-शीर-ख़्वार
ज़ीस्त आग़ोश-ए-अजल में इस तरह सो जाएगी
जगन्नाथ आज़ाद
नज़्म
अंजुम-ए-कम-ज़ौ गिरफ़्तार-ए-तिलिस्म-ए-माहताब
देखता क्या हूँ कि वो पैक-ए-जहाँ-पैमा ख़िज़्र
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
पत्तियाँ फूलों की गिरती हैं ख़िज़ाँ में इस तरह
दस्त-ए-तिफ़्ल-ए-ख़ुफ़्ता से रंगीं खिलौने जिस तरह
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
कर रहा है क़स्र-आज़ादी की बुनियाद उस्तुवार
फ़ितरत-ए-तिफ़्ल-ओ-ज़न-ओ-पीर-ओ-जवाँ का इंक़लाब
ज़फ़र अली ख़ाँ
नज़्म
अस्लहा-ख़ानों से जारी हुक्म कुंदा हैं
भरे बाज़ार में तिफ़्ल-ए-तही-कीसा परेशाँ है कि उस के पाँव
अख़्तर हुसैन जाफ़री
नज़्म
मेरी सूरत को तरसता है जो तिफ़्ल-ए-शीर-ख़ार
हो चुके हैं इस के अब्बा मुल्क-ओ-मिल्लत पर निसार
सय्यद मोहम्मद जाफ़री
नज़्म
और मरहम भी नापैद था
लेकिन उस रोज़ देखा जो इक तिफ़्ल-ए-नौ-ज़ाईदा का ख़ंदा-ए-ज़ेर-ए-लब
शकेब जलाली
नज़्म
बड़ा ही प्यारा लगे है ये तिफ़्ल-ए-गिर्या-कुनाँ
किसी खिलौने के छिनने पे रो रहा है बहुत
तसनीम आबिदी
नज़्म
जावेद अनवर
नज़्म
शैख़-ए-मकतब के तरीक़ों से कुशाद दिल कहाँ
किस तरह किबरीत से रौशन हो बिजली का चराग़