आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "uksaa.e"
नज़्म के संबंधित परिणाम "uksaa.e"
नज़्म
मुलाक़ातों के जब दिन हों ज़माना हो बहारों का
बहार-ए-गुल मुलाक़ातों पे उकसाए तो आ जाना
राजेन्द्र नाथ रहबर
नज़्म
साहिर लुधियानवी
नज़्म
ये 'ख़ुसरो' 'मीर' 'ग़ालिब' का ख़राबा बेचता क्या है
हमारा 'ग़ालिब'-ए-आज़म था चोर आक़ा-ए-'बेदिल' का
जौन एलिया
नज़्म
रात के तारों में अपने राज़-दाँ पैदा करे
ये घड़ी महशर की है तू अर्सा-ए-महशर में है
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
नज़र मेरी नहीं ममनून-ए-सैर-ए-अरसा-ए-हस्ती
मैं वो छोटी सी दुनिया हूँ कि आप अपनी विलायत हूँ
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
ज़बाँ पर हैं अभी इस्मत ओ तक़्दीस के नग़्मे
वो बढ़ जाती है इस दुनिया से अक्सर इस क़दर आगे
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
जोश मलीहाबादी
नज़्म
अक्सर रियाज़ करते हैं फूलों पे बाग़बाँ
है दिन की धूप रात की शबनम उन्हें गिराँ