आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "uqda-e-asraar-e-azal"
नज़्म के संबंधित परिणाम "uqda-e-asraar-e-azal"
नज़्म
जिस की पीरी में है मानिंद-ए-सहर रंग-ए-शबाब
कह रहा है मुझ से ऐ जूया-ए-असरार-ए-अज़ल
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
तू शनासा-ए-ख़राश-ए-उक़्दा-ए-मुश्किल नहीं
ऐ गुल-ए-रंगीं तिरे पहलू में शायद दिल नहीं
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
जल्वा-ए-हुस्न-ए-अज़ल आए तसव्वुर में अगर
गोशा-ए-दिल में मचलते हुए अरमाँ होंगे
लाला अनूप चंद आफ़्ताब पानीपति
नज़्म
ग़ुंचा-ए-दिल मर्द का रोज़-ए-अज़ल जब खुल चुका
जिस क़दर तक़दीर में लिक्खा हुआ था मिल चुका
जोश मलीहाबादी
नज़्म
वारिस-ए-असरार-ए-फ़ितरत फ़ातेह-ए-उम्मीद-ओ-बीम
महरम-ए-आसार-ए-बाराँ वाक़िफ़-ए-तब्अ-ए-नसीम
जोश मलीहाबादी
नज़्म
जल्वा-ए-नूर-ए-अज़ल ‘आलम-ए-तनवीर में था
या'नी जो कुछ भी था बस ख़ाक की ता'मीर में था
बिस्मिल इलाहाबादी
नज़्म
क़य्यूम नज़र
नज़्म
पहुँचता है हर इक मय-कश के आगे दौर-ए-जाम उस का
किसी को तिश्ना-लब रखता नहीं है लुत्फ़-ए-आम उस का
ज़फ़र अली ख़ाँ
नज़्म
रोज़-ए-अज़ल से एक तमाशे में गुम थे हम
नाराज़ हो गए हैं अब इक दूसरे से हम