आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "vatiiraa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "vatiiraa"
नज़्म
ज़िंदगी हर रोज़ मुझे ज़लील करने पर तुली है
सिसकना बिलकना और क़हक़हे लगाना मेरा वतीरा बन गया है
सिदरा अफ़ज़ल
नज़्म
चाहते सब हैं कि हों औज-ए-सुरय्या पे मुक़ीम
पहले वैसा कोई पैदा तो करे क़ल्ब-ए-सलीम
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
किसी ग़म-ज़दा देवता की तरह वाहिमा के
गिल-ओ-ला से ख़्वाबों के सय्याल कूज़े बनाता रहा था
नून मीम राशिद
नज़्म
अदना ग़रीब मुफ़्लिस शाह-ओ-वज़ीर ख़ुश हैं
मा'शूक़ शाद-ओ-ख़ुर्रम आशिक़ असीर ख़ुश हैं