आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zamzama"
नज़्म के संबंधित परिणाम "zamzama"
नज़्म
कोई उस के जुनूँ का ज़मज़मा गा ही नहीं सकता
झलकती हैं मिरे अशआर में जौलानियाँ उस की
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
वो मुजस्सम हमहमा था वो मुजस्सम ज़मज़मा
वो अज़ल से ता अबद फैली हुई ग़ैबी सदाओं का निशाँ
नून मीम राशिद
नज़्म
कुछ न कुछ साथ फ़रंगी के फ़ुसूँ-साज़ भी हैं
और हम जैसे बहुत ज़मज़मा-पर्दाज़ भी हैं
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
मैं हूँ 'मजाज़' आज भी ज़मज़मा-ए-संज-ओ-नग़्मा-ख़्वाँ
शाइर-ए-महफ़िल-ए-वफ़ा मुतरिब-ए-बज़्म-ए-दिलबराँ
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
वो नफ़स की ज़मज़मा-संजी नज़र की गुफ़्तुगू
सीना-ए-मासूम में इक-तरफ़ा तुग़्यानी है आज
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
आ, बाग़ियों का ज़मज़मा-ए-आतिशीं भी सुन
ओ मस्त-ए-साज़-ओ-बरबत-ओ-नग़्मा इधर भी आ
असरार-उल-हक़ मजाज़
नज़्म
धुआँ चूल्हों का हल्क़ा हल्क़ा लहराता है आँगन में
उदासी शाम की इक ज़मज़मा इक गीत बनती है
शफ़ीक़ फातिमा शेरा
नज़्म
मुझे है उलझन मुझे है ख़लजान
इधर उधर को जो देखती हूँ हसीन ताइर हैं ज़मज़मा-ज़ा