पर्यावरण

आग जंगल में लगी है दूर दरियाओं के पार

और कोई शहर में फिरता है घबराया हुआ

ज़फ़र इक़बाल

इस बार इंतिज़ाम तो सर्दी का हो गया

क्या हाल पेड़ कटते ही बस्ती का हो गया

नोमान शौक़

जंगल जंगल आग लगी है दरिया दरिया पानी है

नगरी नगरी थाह नहीं है लोग बहुत घबराए हैं

जमील अज़ीमाबादी

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