Zafar Iqbal's Photo'

ज़फ़र इक़बाल

1933 | लाहौर, पाकिस्तान

प्रमुखतम आधुनिक शायरों में विख्यात/नई दिशा देने वाले शायर

प्रमुखतम आधुनिक शायरों में विख्यात/नई दिशा देने वाले शायर

ग़ज़ल 132

शेर 151

अब के इस बज़्म में कुछ अपना पता भी देना

पाँव पर पाँव जो रखना तो दबा भी देना

  • शेयर कीजिए

यहाँ किसी को भी कुछ हस्ब-ए-आरज़ू मिला

किसी को हम मिले और हम को तू मिला

झूट बोला है तो क़ाएम भी रहो उस पर 'ज़फ़र'

आदमी को साहब-ए-किरदार होना चाहिए

हास्य 4

 

ई-पुस्तक 10

Aab-e-Rawan

 

1978

Ab Tak

 

2016

अब तक-कुल्लियात-ए-ग़ज़ल

खण्ड-001

2004

अब तक-कुल्लियात-ए-ग़ज़ल

खण्ड-004

2012

अब तक-कुल्लियात-ए-ग़ज़ल

खण्ड-002

2005

अब तक-कुल्लियात-ए-ग़ज़ल

खण्ड-003

2006

Ghubar Aalood Simton Ka Suragh

 

1988

हे हनूमान

 

1997

Tatb-o-Yabis

 

1970

Urdu Makhtutat

 

1995

 

चित्र शायरी 28

गुफ़्तुगू उन से रोज़ होती है मुद्दतों सामना नहीं होता

उदासी आसमाँ है दिल मिरा कितना अकेला है परिंदा शाम के पुल पर बहुत ख़ामोश बैठा है मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है तुम्हारे शहर के सारे दिए तो सो गए कब के हवा से पूछना दहलीज़ पे ये कौन जलता है अगर फ़ुर्सत मिले पानी की तहरीरों को पढ़ लेना हर इक दरिया हज़ारों साल का अफ़्साना लिखता है कभी मैं अपने हाथों की लकीरों से नहीं उलझा मुझे मालूम है क़िस्मत का लिक्खा भी बदलता है

अब के इस बज़्म में कुछ अपना पता भी देना पाँव पर पाँव जो रखना तो दबा भी देना

वीडियो 11

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
हास्य वीडियो
Bashir Badr at International Mushaira 2002, Houston

Dr. Basheer Badr reciting at International Mushaira 2002 organised by Aligarh Alumni Association Houston USA ज़फ़र इक़बाल

Bashir Badr reciting at Hind-o-Pak Dosti Aalmi Mushaira 2003, organized by Aligarh Alumni Association Houston, USA.

ज़फ़र इक़बाल

यूँही बे-सबब न फिरा करो कोई शाम घर में रहा करो

ज़फ़र इक़बाल

लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में

ज़फ़र इक़बाल

ऑडियो 15

ख़ामुशी अच्छी नहीं इंकार होना चाहिए

परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता

ये ज़र्द पत्तों की बारिश मिरा ज़वाल नहीं

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

संबंधित शायर

  • ज़फ़र गोरखपुरी ज़फ़र गोरखपुरी समकालीन
  • शहरयार शहरयार समकालीन
  • अहमद फ़राज़ अहमद फ़राज़ समकालीन
  • बशर नवाज़ बशर नवाज़ समकालीन
  • सुदर्शन फ़ाख़िर सुदर्शन फ़ाख़िर समकालीन
  • अहमद मुश्ताक़ अहमद मुश्ताक़ समकालीन

"लाहौर" के और शायर

  • नसरीन अंजुम भट्टी नसरीन अंजुम भट्टी
  • अतहर नफ़ीस अतहर नफ़ीस
  • शकेब जलाली शकेब जलाली
  • जौन एलिया जौन एलिया
  • अहमद फ़राज़ अहमद फ़राज़
  • अनवर मसूद अनवर मसूद
  • ज़ेहरा निगाह ज़ेहरा निगाह
  • दिलावर फ़िगार दिलावर फ़िगार
  • हबीब जालिब हबीब जालिब
  • मुस्तफ़ा ज़ैदी मुस्तफ़ा ज़ैदी