Ahmad Mushtaq's Photo'

अहमद मुश्ताक़

1933 - | संयुक्त राज्य अमेरिका

पाकिस्तान के सबसे विख्यात और प्रतिष्ठित आधुनिक शायरों में से एक, अपनी नव-क्लासिकी लय के लिए प्रसिद्ध।

पाकिस्तान के सबसे विख्यात और प्रतिष्ठित आधुनिक शायरों में से एक, अपनी नव-क्लासिकी लय के लिए प्रसिद्ध।

ग़ज़ल 82

शेर 71

गुज़रे हज़ार बादल पलकों के साए साए

उतरे हज़ार सूरज इक शह-नशीन-ए-दिल पर

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जहान-ए-इश्क़ से हम सरसरी नहीं गुज़रे

ये वो जहाँ है जहाँ सरसरी नहीं कोई शय

तमाशा-गाह-ए-जहाँ में मजाल-ए-दीद किसे

यही बहुत है अगर सरसरी गुज़र जाएँ

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ई-पुस्तक 4

अंधे लोग

 

2011

Gard-e-Mahtab

 

1981

Kulliyat

 

2003

Mehrab

 

1977

 

चित्र शायरी 16

वीडियो 3

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Mil Hi Jayega Kaheen Dil Ko.. Ahmed Mushtaq ghazal by Bharathi Vishwanathan

भारती विश्वनाथन

चाँद इस घर के दरीचों के बराबर आया

असद अमानत अली

मिल ही जाएगा कभी दिल को यक़ीं रहता है

अज्ञात

ऑडियो 39

अजब नहीं कभी नग़्मा बने फ़ुग़ाँ मेरी

अब न बहल सकेगा दिल अब न दिए जलाइए

अब मंज़िल-ए-सदा से सफ़र कर रहे हैं हम

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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