लव पर उद्धरण

इश्क़ पर ये शायरी आपके

लिए एक सबक़ की तरह है, आप इस से इश्क़ में जीने के आदाब भी सीखेंगे और हिज्र-ओ-विसाल को गुज़ारने के तरीक़े भी. ये पहला ऐसा ख़ूबसूरत काव्य-संग्रह है जिसमें इश्क़ के हर रंग, हर भाव और हर एहसास को अभिव्यक्त करने वाले शेरों को जमा किया गया है.आप इन्हें पढ़िए और इश्क़ करने वालों के बीच साझा कीजिए.

दाग़ तो दो ही चीज़ों पर सजता है, दिल और जवानी।

मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी

औरत हाँ और ना का एक निहायत ही दिलचस्प मुरक्कब है। इन्कार और इक़रार कुछ इस तरह औरत के वुजूद में ख़ल्त-मल्त हो गया है कि बाअज़-औक़ात इक़रार इन्कार मालूम होता है और इन्कार इक़रार।

सआदत हसन मंटो

वेश्याओं के इशक़ में एक ख़ास बात काबिल-ए-ज़िक्र है। उनका इशक़ उनके रोज़मर्रा के मामूल पर बहुत कम असर डालता है।

सआदत हसन मंटो

बे-सबब दुश्मनी और बदसूरत औरत से इश्क़ हक़ीक़त में दुश्मनी और इश्क़ की सबसे न-खालिस क़िस्म है। यह शुरू ही वहां से हुई हैं जहाँ अक़्ल ख़त्म हो जावे है।

मुश्ताक़ अहमद यूसुफ़ी

वेश्या सिर्फ़ उसी मर्द पर अपने दिल के तमाम दरवाज़े खोलेगी, जिससे उसे मुहब्बत हो। हर आने जाने वाले मर्द के लिए वो ऐसा नहीं कर सकती।

सआदत हसन मंटो

एक बा-इस्मत औरत के सीने में मुहब्बत से आरी दिल हो सकता है और इस के बरअक्स चकले की एक अदना तरीन वेश्या मुहब्बत से भरपूर दिल की मालिक हो सकती है।

सआदत हसन मंटो

ऐक्ट्रेस बनने से पिश्तर औरत को इश्क़-ओ-मुहब्बत की तल्ख़ियों और मिठासों के अलावा और बहुत सी चीज़ों से आश्ना होना चाहिए। इसलिए कि जब वो कैमरे के सामने आए तो अपने कैरेक्टर

को अच्छी तरह अदा कर सके।

सआदत हसन मंटो

मुहब्बत कितनी ख़ौफ़नाक चीज़ होती है। तुम एक अजनबी को अपना मालिक बना कर तमाम-तर ताक़त उसके हाथ में दे देते हो। दुख देने की, ख़ुशी देने की, उदास करने की ताक़त।

मुस्तनसिर हुसैन तारड़

जब दुनिया प्रेमी और पीतम को मिलने नहीं देती तो दिल का साज़ तड़प उठता है और क़ुदरत गीत बनाती है।

मीराजी

ज़िंदगी सिर्फ़ मुहब्बत की ख़ुश्बू ही नहीं, ज़हरीले काँटों का जंगल भी है।

ए. हमीद

किसी भी औरत से इश्क़ किया जाये तो तगड़ा एक ही क़िस्म का बनता है ‘हुस्न, इश्क़ और मौत’ या ‘आशिक़, माशूक़ और वस्ल’

सआदत हसन मंटो

मुहब्बत मेरी कमज़ोरी है, नशा है।

मुशर्रफ़ आलम ज़ौक़ी

मोहब्बत करने वाले निडर हो जाते हैं, ख़ौफ़ का कोई जज़्बा उन्हें बांध नहीं सकता।

वाजिदा तबस्सुम
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