बिस्मिल अज़ीमाबादी
ग़ज़ल 30
अशआर 28
वक़्त आने दे दिखा देंगे तुझे ऐ आसमाँ
हम अभी से क्यूँ बताएँ क्या हमारे दिल में है
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
न अपने ज़ब्त को रुस्वा करो सता के मुझे
ख़ुदा के वास्ते देखो न मुस्कुरा के मुझे
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
तुम सुन के क्या करोगे कहानी ग़रीब की
जो सब की सुन रहा है कहेंगे उसी से हम
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
हो न मायूस ख़ुदा से 'बिस्मिल'
ये बुरे दिन भी गुज़र जाएँगे
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
चित्र शायरी 5
अन्य शायरों को पढ़िए
-
महेश चंद्र नक़्श
-
आज़ाद गुलाटी
-
महशर बदायुनी
-
साहिर देहल्वी
-
द्वारका दास शोला
-
अख़्तर अंसारी अकबराबादी
-
ताबिश देहलवी
-
सफ़ी औरंगाबादी
-
सरदार पंछी
-
साहिर सियालकोटी
-
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
-
प्रेम शंकर गोयला फ़रहत
-
असरार-उल-हक़ मजाज़
-
अल्लामा इक़बाल
-
शकील बदायूनी
-
एहसान दानिश कांधलवी
-
हुरमतुल इकराम
-
अहमद फ़राज़
-
अब्दुल हमीद अदम
-
शादाँ इंदौरी