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शहनाज़ मुज़म्मिल

1948 - 2026 | लाहौर, पाकिस्तान

प्रसिद्ध शायरा, लेखिका और “अदब सराय” की संस्थापक

प्रसिद्ध शायरा, लेखिका और “अदब सराय” की संस्थापक

शहनाज़ मुज़म्मिल का परिचय

उपनाम : 'शहनाज़'

जन्म : 10 Apr 1948 | फ़ैसलाबाद, पंजाब

निधन : 14 Jul 2026 | इस्लामाबाद, पाकिस्तान

पहचान: प्रसिद्ध कवयित्री, लेखिका और “अदब सराय” की संस्थापक

शहनाज़ मुज़म्मिल का जन्म 1948 में फैसलाबाद के एक साहित्यिक और विद्वतापूर्ण परिवार में हुआ। उनके पिता मुज़म्मिल हुसैन क़ादरी (हश्र क़ादरी) स्वयं एक समर्थ शायर थे, जिनकी परवरिश और मार्गदर्शन ने शहनाज़ के साहित्यिक स्वाद को निखारा। उन्होंने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत एक लाइब्रेरियन के रूप में की और मॉडल टाउन लाइब्रेरी सहित क़ायद-ए-आज़म लाइब्रेरी, लाहौर में प्रमुख प्रशासनिक पदों पर कार्य किया।

शहनाज़ मुज़म्मिल की शायरी पवित्रता, शिष्टता और नैतिक सौंदर्य की प्रतिनिधि है। उनकी कविता पारंपरिक प्रेम-विषयों के बजाय चिंतन, मानवीय संवेदना और सामाजिक मूल्यों की रक्षा पर आधारित है। एक महिला होने के नाते उन्होंने अपनी शायरी में महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक जकड़बंदी के विरुद्ध भी प्रभावशाली आवाज़ उठाई है।

साहित्यिक सेवाओं के साथ-साथ शहनाज़ मुज़म्मिल ने नए लेखकों की प्रोत्साहना के लिए अपने घर पर “अदब सराय” के नाम से एक स्थायी साहित्यिक मंच स्थापित किया, जहाँ देश की प्रसिद्ध साहित्यिक हस्तियाँ भाग लेती हैं। अब तक उनके 15 कविता-संग्रह और 7 गद्य-पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें ‘नूर-ए-कुल’, ‘क़र्ज़-ए-वफ़ा’, ‘जादा-ए-इरफ़ान’ और ‘किताबियात-ए-इक़बाल’ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उनकी साहित्यिक और अकादमिक सेवाओं के सम्मान में उन्हें “सलमा तसद्दुक़ अवॉर्ड” सहित अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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