- पुस्तक सूची 180347
-
-
पुस्तकें विषयानुसार
-
गतिविधियाँ89
बाल-साहित्य1978
नाटक / ड्रामा916 एजुकेशन / शिक्षण341 लेख एवं परिचय1360 कि़स्सा / दास्तान1569 स्वास्थ्य104 इतिहास3265हास्य-व्यंग592 पत्रकारिता200 भाषा एवं साहित्य1678 पत्र726
जीवन शैली30 औषधि969 आंदोलन268 नॉवेल / उपन्यास4264 राजनीतिक350 धर्म-शास्त्र4762 शोध एवं समीक्षा6485अफ़साना2661 स्केच / ख़ाका233 सामाजिक मुद्दे109 सूफ़ीवाद / रहस्यवाद2007पाठ्य पुस्तक424 अनुवाद4198महिलाओं की रचनाएँ5756-
पुस्तकें विषयानुसार
- बैत-बाज़ी14
- अनुक्रमणिका / सूची4
- अशआर68
- दीवान1247
- दोहा49
- महा-काव्य100
- व्याख्या181
- गीत63
- ग़ज़ल1256
- हाइकु11
- हम्द56
- हास्य-व्यंग31
- संकलन1578
- कह-मुकरनी6
- कुल्लियात571
- माहिया20
- काव्य संग्रह4862
- मर्सिया387
- मसनवी737
- मुसद्दस44
- नात587
- नज़्म1200
- अन्य84
- पहेली14
- क़सीदा177
- क़व्वाली16
- क़ित'अ67
- रुबाई263
- मुख़म्मस15
- रेख़्ती12
- शेष-रचनाएं16
- सलाम34
- सेहरा12
- शहर आशोब, हज्व, ज़टल नामा17
- तारीख-गोई25
- अनुवाद74
- वासोख़्त24
हयातुल्लाह अंसारी का परिचय
उपनाम : 'हयातुल्लाह अंसारी'
मूल नाम : मोहम्मद हयातुल्लाह
जन्म : 11 May 1911 | लखनऊ, उत्तर प्रदेश
निधन : 18 Feb 1999
LCCN :n85019760
पुरस्कार : साहित्य अकादमी अवार्ड(1970)
पहचान: प्रसिद्ध फ़िक्शन लेखक, पत्रकार, राजनीतिज्ञ और प्रगतिशील साहित्यकार
हयातउल्लाह अंसारी 11 मई 1911 (परिवार के अनुसार जन्म तिथि 1 मई 1901 है) को फ़रंगी महल, लखनऊ में पैदा हुए। उनके वालिद (पिता) मौलवी वहीदउल्लाह अंसारी थे। उनकी शुरुआती शिक्षा फ़रंगी महल के शैक्षणिक माहौल में हुई और उन्होंने 'उलूम-ए-शर्क़िया' (प्राच्य विद्या) की सनद (डिग्री) हासिल की। बाद में उन्होंने मुस्लिम यूनिवर्सिटी अलीगढ़ से बी.ए. किया। छात्र जीवन के दौरान वे प्रगतिशील लेखक आंदोलन से प्रभावित हुए, जबकि बाद में उन्होंने गांधीवादी विचारधारा का भी गहरा प्रभाव स्वीकार किया।
हयातउल्लाह अंसारी उर्दू के प्रख्यात कहानीकारों और उपन्यासकारों में गिने जाते हैं। उनके कहानी संग्रहों "अनोखी मुसीबत", "भरे बाज़ार में" और "शिकस्ता कंगूरे" को विशेष प्रसिद्धि मिली। उनकी कहानी "आख़िरी कोशिश" उर्दू अफ़साने की महत्वपूर्ण रचनाओं में शुमार की जाती है। उनकी कहानियों में सामाजिक यथार्थवाद (हक़ीक़त निगारी), मानवीय दुख-दर्द, वर्गीय समस्याओं और मनोवैज्ञानिक जटिलताओं का प्रभावशाली चित्रण मिलता है। डॉ. इशरत नाहिद ने उनकी कहानियों का समग्र संग्रह "हयातुल्लाह अंसारी की कहानी कायनात" शीर्षक से प्रकाशित किया।
कहानी लेखन के अलावा उन्होंने पांच भागों (जिल्दों) में फैला एक विशाल और ऐतिहासिक उपन्यास "लहू के फूल" (1969) लिखा, जिसकी पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) बीसवीं सदी के शुरुआती आधे भाग का भारत, आज़ादी की लड़ाई, ख़िलाफ़त आंदोलन और किसानों व मज़दूरों का जीवन है। इस महान रचना के लिए उन्हें 'साहित्य अकादेमी पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, "मदार" और "घरोंदा" उनके प्रसिद्ध नावलेट (लघु उपन्यास) हैं। उन्होंने आधुनिकता के विषय पर 'जदीदियत की सैर' (आधुनिकता की सैर) नामक एक महत्वपूर्ण पुस्तक भी लिखी।
पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उनकी सेवाएँ उल्लेखनीय हैं। वे लंबे समय तक दैनिक अख़बार "क़ौमी आवाज़" के संपादक रहे और उर्दू पत्रकारिता को नए आयाम दिए। वे राज्यसभा के सदस्य भी रहे और भारत सरकार के 'तरक़्क़ी-ए-उर्दू ब्यूरो' के डिप्टी चेयरमैन के पद पर भी काम किया। मोरक्को (मराक़िश) यूनिवर्सिटी ने उन्हें मानद (एग्ज़ॉरी) डॉक्टरेट की डिग्री से भी नवाज़ा था।
हयातउल्लाह अंसारी का शुमार उन लेखकों में होता है जिन्होंने प्रगतिशील विचारधारा, गांधीवादी मानवतावाद और सामाजिक चेतना को अपने साहित्य का हिस्सा बनाया। उर्दू फ़िक्शन और पत्रकारिता में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
निधन: हयातउल्लाह अंसारी का इंतकाल 18 फरवरी 1999 को लखनऊ में हुआ।
सहायक लिंक : | https://en.wikipedia.org/wiki/Hayatullah_Ansari
संबंधित टैग
प्राधिकरण नियंत्रण :लाइब्रेरी ऑफ कॉंग्रेस नियंत्रण संख्या : n85019760
join rekhta family!
-
गतिविधियाँ89
बाल-साहित्य1978
-
