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खलीफ़ा अब्दुल हकीम

1893 - 1959 | लाहौर, पाकिस्तान

प्रख्यात दार्शनिक, आलोचक, अनुवादक और 'फ़िक्र-ए-इक़बाल' के लेखक

प्रख्यात दार्शनिक, आलोचक, अनुवादक और 'फ़िक्र-ए-इक़बाल' के लेखक

खलीफ़ा अब्दुल हकीम का परिचय

उपनाम : 'हकीम'

मूल नाम : अब्दुल हकीम

जन्म : 01 Jul 1893 | लाहौर, पंजाब

निधन : 30 Jan 1959 | लाहौर, पंजाब

पहचान: दार्शनिक, आलोचक, शोधकर्ता, कवि, अनुवादक और इक़बाल विशेषज्ञ

ख़लीफ़ा अब्दुल हकीम का जन्म 1 शव्वाल 1303 हिजरी के अनुसार 1 जुलाई 1893 (कुछ स्रोतों के अनुसार 12 जुलाई 1894) को लाहौर के अकबरी दरवाज़े के भीतर स्थित मोहल्ला चिल्ला बीबियाँ की ऐतिहासिक ‘मुबारक हवेली’ में हुआ। वे कश्मीरी डार परिवार की लाहौरी शाखा से संबंध रखते थे।

उनकी प्रारंभिक शिक्षा मिठ्ठा शाह वाली मस्जिद और अंजुमन-ए-हिमायत-ए-इस्लाम के विद्यालय में हुई। उन्होंने इस्लामिया हाई स्कूल, शेरांवाला दरवाज़ा से प्रथम श्रेणी में मैट्रिक उत्तीर्ण किया। मैट्रिक के बाद कुछ समय तक फॉर्मन क्रिश्चियन कॉलेज, लाहौर में विज्ञान की पढ़ाई की, लेकिन रुचि न होने के कारण अलीगढ़ चले गए और वहाँ से एफ.ए. किया। 1915 में पंजाब विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में बी.ए. तथा 1917 में सेंट स्टीफ़न्स कॉलेज, दिल्ली से एम.ए. (दर्शनशास्त्र) की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद लॉ कॉलेज, लाहौर में एल.एल.बी. की पढ़ाई के दौरान अंग्रेज़ी समाचारपत्र Observer के संपादक भी रहे। उनका साहित्यिक जीवन विद्यालय के दिनों में ही आरंभ हो गया था और उनकी पहली कविता कश्मीरी मैगज़ीन, लाहौर में प्रकाशित हुई थी।

1919 में, अल्लामा इक़बाल की सिफारिश पर वे उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद दकन में दर्शनशास्त्र के सहायक प्रोफेसर नियुक्त हुए। 1922 में उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गए और 1925 में हाइडेलबर्ग विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। उनके शोध प्रबंध का शीर्षक Metaphysics of Rumi था। स्वदेश लौटने के बाद वे उस्मानिया विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष बने। बाद में अमर सिंह कॉलेज, श्रीनगर के प्राचार्य, कश्मीर के शिक्षा निदेशक तथा उस्मानिया विश्वविद्यालय में डीन, फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के पदों पर भी कार्य किया। 1950 में उनकी ही कोशिशों से लाहौर में इदारा-ए-सक़ाफ़त-ए-इस्लामिया की स्थापना हुई, जिसके वे प्रथम निदेशक नियुक्त हुए।

उनकी रचनाएँ दर्शन, इस्लामी चिंतन तथा साहित्यिक आलोचना का उत्कृष्ट नमूना हैं। उनकी प्रमुख उर्दू और अंग्रेज़ी पुस्तकों में फ़िक्र-ए-इक़बाल, अफ़कार-ए-ग़ालिब, हिकमत-ए-रूमी, दास्तान-ए-दानिश, इस्लाम की बुनियादी हक़ीक़तें, नफ़्सियात-ए-वारिदात-ए-रूहानी, तश्बीहात-ए-रूमी, इक़बाल और मुल्ला, तल्ख़ीस-ए-ख़ुत्बात-ए-इक़बाल, श्रीमद्भगवद्गीता (उर्दू काव्यात्मक अनुवाद) तथा जर्मन से अनूदित मुख्तसर तारीख़-ए-फ़लसफ़ा-ए-यूनान शामिल हैं। उनकी अंग्रेज़ी पुस्तकों में Islamic Ideology, Islam & Communism और Metaphysics of Rumi विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उनका काव्य-संग्रह कलाम-ए-हकीम तथा शोध-निबंधों का संकलन मक़ालात-ए-हकीम के नाम से प्रकाशित हुआ है।

निधन: ख़लीफ़ा अब्दुल हकीम का निधन 30 जनवरी 1959 को लाहौर में हुआ।

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