- पुस्तक सूची 178836
-
-
पुस्तकें विषयानुसार
-
गतिविधियाँ86
बाल-साहित्य1989
नाटक / ड्रामा919 एजुकेशन / शिक्षण344 लेख एवं परिचय1380 कि़स्सा / दास्तान1584 स्वास्थ्य105 इतिहास3279हास्य-व्यंग607 पत्रकारिता202 भाषा एवं साहित्य1705 पत्र738
जीवन शैली30 औषधि981 आंदोलन272 नॉवेल / उपन्यास4299 राजनीतिक354 धर्म-शास्त्र4755 शोध एवं समीक्षा6596अफ़साना2681 स्केच / ख़ाका242 सामाजिक मुद्दे109 सूफ़ीवाद / रहस्यवाद2038पाठ्य पुस्तक451 अनुवाद4248महिलाओं की रचनाएँ5831-
पुस्तकें विषयानुसार
- बैत-बाज़ी14
- अनुक्रमणिका / सूची4
- अशआर68
- दीवान1278
- दोहा48
- महा-काव्य100
- व्याख्या181
- गीत63
- ग़ज़ल1257
- हाइकु11
- हम्द52
- हास्य-व्यंग31
- संकलन1597
- कह-मुकरनी7
- कुल्लियात581
- माहिया20
- काव्य संग्रह4852
- मर्सिया386
- मसनवी746
- मुसद्दस42
- नात580
- नज़्म1193
- अन्य82
- पहेली15
- क़सीदा182
- क़व्वाली17
- क़ित'अ67
- रुबाई272
- मुख़म्मस15
- रेख़्ती12
- शेष-रचनाएं17
- सलाम34
- सेहरा12
- शहर आशोब, हज्व, ज़टल नामा17
- तारीख-गोई26
- अनुवाद74
- वासोख़्त25
मारूफ़ देहलवी के शेर
मारूफ़ देहलवीदर्द-ए-सर में है किसे संदल लगाने का दिमाग़
उस का घिसना और लगाना दर्द-ए-सर ये भी तो है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीहवा के घोड़े पे जब वो सवार होते हैं
तो पा के वक़्त मैं क्या क्या मज़े उड़ाता हूँ
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीतेरी आँखों के तसव्वुर में है सैर-ए-कौनैन
वर्ना हम लोग इधर के इधर हो के रहते
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीका'बा-ओ-दैर को अपना तो यहीं से है सलाम
दर-ब-दर कौन फिरे यार के दर के होते
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीग़फ़लत में जवानी गई पीरी में हुआ होश
क्यूँ कर न खुले आँख सहर ही तो है आख़िर
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीमैं ही नहीं हूँ शेफ़्ता-ए-हुस्न-ए-गंदुमी
आगे से होती आई है आदम को देखिए
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीसाक़िया मय कहाँ है शीशे में
रौशनी आफ़्ताब की सी है
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीमज़कूर जबकि तेरे तबस्सुम का आ पड़ा
गुलशन में तिफ़्ल-ए-ग़ुन्चा-ए-दिल खिलखिला पड़ा
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीअश्क-ओ-लख़्त-ए-जिगर आँखों से रवाँ हैं 'मारूफ़'
अब कोई ला'ल चुने या दुर-ए-मशहूर चुने
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीसब लगे उस बुत को सज्दा करने ऐ 'मारूफ़' आह
कल जिधर माथे पे वो क़श्क़ा सिधारा खींच कर
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीबोले वो अपनी शक्ल को आप आइने में देख
दरिया के पार और गुलिस्ताँ है दूसरा
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीयहाँ तो दाग़-ए-ख़ूँ दामन से धोया तू ने ऐ क़ातिल
वहाँ इक दिन खिलेगा गुल हमारी बे-गुनाही का
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीहै दिल में ज़ुल्फ़-ए-यार के आलम को देखिए
फँसते हैं आप दाम में हम हम को देखिए
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीसुनते ही हो के हम-आग़ोश कहा हँस के तुझे
दर्द-ए-दिल की है दवा और भी दरकार कि बस
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीक्यूँ न मिट्टी ख़राब हो अपनी
इस ख़राबात की बिना हैं हम
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीमैं ने आहें भरीं तो रुक के कहा
घर में धूनी सी क्या लगा दी है
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
मारूफ़ देहलवीआँख टुक मूँदने दे हैरत-ए-इश्क़
ऐसी मैं टिकटिकी से दर गुज़रा
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
join rekhta family!
-
गतिविधियाँ86
बाल-साहित्य1989
-
