मुहियुद्दीन ग़ाज़ी का परिचय
जन्म :आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश
डॉ. मुहीउद्दीन ग़ाज़ी भारत के प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान, शोधकर्ता, लेखक और पत्रकार हैं। उनका संबंध एक विद्वत् और धार्मिक परिवार से है और वे प्रसिद्ध क़ुरआन व्याख्याकार मौलाना इनायतुल्लाह असद सुब्हानी के पुत्र हैं। उनकी शैक्षिक और बौद्धिक गतिविधियों का केंद्र संयुक्त अरब अमीरात, केरल और दिल्ली रहा है। वे दुबई स्थित दारुश्शरिया से लंबे समय तक हेड ऑफ़ रिसर्च के रूप में जुड़े रहे। इसके अलावा वे इस्लामिक यूनिवर्सिटी, शांता पुरम में डीन, फैकल्टी ऑफ़ क़ुरआन के पद पर भी कार्यरत रहे हैं।
उर्दू क़ुरआन अनुवादों की समीक्षा पर उनके 126 लेख/कड़ियाँ अश्शरीअह मैगज़ीन में प्रकाशित हो चुकी हैं। वे दिल्ली से प्रकाशित प्रसिद्ध मासिक पत्रिका ‘ज़िंदगी-ए-नौ’ के संपादक हैं और विभिन्न वैचारिक एवं शोधपरक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से लिखते रहे हैं। उनकी अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें ‘रहनुमाए तरजुमा-ए-क़ुरआन’, ‘नमाज़ के इख़्तिलाफ़ात और उनका आसान हल’, ‘मुस्लिम ख़्वातीन और एक्टिविज़्म की राहें’ और ‘तहरीक से मुहब्बत’ उल्लेखनीय हैं। उनके प्रसिद्ध अनुवादों में ‘इस्लामी तमद्दुन में आईनी बोहरान’ शामिल है।
वे जमाअत-ए-इस्लामी हिंद की केंद्रीय मजलिस-ए-शूरा के सदस्य, केंद्रीय सचिव तथा तस्नीफ़ी अकादमी के सचिव के रूप में सेवाएँ दे रहे हैं।