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रशीद हसन ख़ाँ

1925 - 2006 | दिल्ली, भारत

शोधकर्ता, उर्दू वर्तनी और व्याकरण तथा शास्त्रीय ग्रंथों के संपादन के लिए प्रसिद्ध

शोधकर्ता, उर्दू वर्तनी और व्याकरण तथा शास्त्रीय ग्रंथों के संपादन के लिए प्रसिद्ध

रशीद हसन ख़ाँ का परिचय

मूल नाम : रशीद हसन ख़ाँ

जन्म : 25 Dec 1925 | शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश

निधन : 26 Feb 2006 | शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश

LCCN :n88293864

पहचान: शोधकर्ता, संपादक, आलोचक, उर्दू वर्तनी के विशेषज्ञ, भाषा और व्याकरण के मार्गदर्शक

रशीद हसन ख़ाँ का जन्म 25 दिसंबर 1925 को शाहजहाँपुर में हुआ। उनके पिता का नाम अमीर हसन और दादा का नाम अली हसन था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा मदरसा बहरुलउलूम से प्राप्त की और सन् 1944 में अपने साहित्यिक जीवन की शुरुआत की।

रशीद हसन ख़ाँ उर्दू भाषा और साहित्य की उन महान हस्तियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने शांत स्वभाव, निरंतर परिश्रम और निःस्वार्थ समर्पण के साथ उर्दू शोध, संपादन, वर्तनी और आलोचना को एक मज़बूत आधार प्रदान किया। औपचारिक विद्यालय और महाविद्यालय की शिक्षा के बिना भी उन्होंने पूर्वी ज्ञान और स्वाध्याय के बल पर उर्दू साहित्य में वह स्थान प्राप्त किया, जो बहुत कम लोगों को मिल पाता है।

उन्होंने अपने कार्य जीवन की शुरुआत शाहजहाँपुर की ऑर्डनेंस क्लोदिंग फ़ैक्ट्री से की, लेकिन इसी दौरान उनके भीतर साहित्यिक रुचि विकसित हुई। व्यापक अध्ययन के परिणामस्वरूप मात्र पच्चीस वर्ष की आयु में उनका पहला शोध लेख प्रकाशित हुआ, जिससे उर्दू साहित्य जगत में उनकी गंभीर पहचान बनी।

रशीद हसन ख़ाँ को विशेष रूप से उर्दू वर्तनी, भाषा, अभिव्यक्ति और व्याकरण के क्षेत्र में मार्गदर्शक माना जाता है। उनकी पुस्तकें ‘उर्दू इमला’ और ‘ज़बान और क़वायद’ इस विषय पर मूल और विश्वसनीय ग्रंथ मानी जाती हैं। उनके द्वारा निर्धारित वर्तनी के नियम भारत और पाकिस्तान के प्रमुख प्रकाशन संस्थानों, अकादमियों और साहित्यिक संगठनों द्वारा स्वीकार किए गए और आज भी अपनाए जा रहे हैं।

वे एक स्पष्टवादी और निष्पक्ष आलोचक थे। कवियों, लेखकों और साहित्यिक आंदोलनों पर उनके लेख भाषा और शैली के आधार पर किए गए मूल्यांकन के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने शास्त्रीय साहित्य के संपादन के माध्यम से उर्दू साहित्य की अमूल्य धरोहर को सुरक्षित और प्रमाणिक रूप में प्रस्तुत किया। बाग़-ओ-बहार, फ़साना-ए-अजायब, मसनवी सहरुलबयान, गुलज़ार-ए-नसीम और दीवान-ए-हाली जैसे ग्रंथों का संपादन उनकी प्रमुख सेवाओं में शामिल है।

निधन: रशीद हसन ख़ान का निधन 2006 में हुआ।

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