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सयय्द महमूद हसन

1903 - 1975 | मक्का, सउदी अरब

प्रतिष्ठित वकील, धार्मिक-सामाजिक नेता और लेखक

प्रतिष्ठित वकील, धार्मिक-सामाजिक नेता और लेखक

सयय्द महमूद हसन का परिचय

उपनाम : 'सयय्द महमूद हसन'

मूल नाम : सयय्द महमूद हसन

जन्म : 03 Sep 1903 | बहराइच, उत्तर प्रदेश

निधन : 18 Dec 1975 | मक्का, सउदी अरब

संबंधी : ताहिर महमूद (बेटा)

सैयद महमूद हसन (अलीग) बहराइच की एक प्रतिष्ठित शैक्षिक, धार्मिक और सामाजिक हस्ती थे। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और वकालत के पेशे से जुड़े रहे। वे बहराइच के प्रसिद्ध वकीलों में गिने जाते थे तथा धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। वे मौलाना अशरफ़ अली थानवी रहमतुल्लाह अलैह के मुरीद थे और धार्मिक चिंतन से गहरा संबंध रखते थे।

सैयद महमूद हसन अनेक महत्वपूर्ण संस्थाओं से जुड़े रहे। वे दरगाह शरीफ़ बहराइच के रिसीवर और प्रबंध समिति के अध्यक्ष, आज़ाद इंटर कॉलेज बहराइच के प्रबंधक, बहराइच ज़िला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा दीनी तालीमी काउंसिल के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे।

उनकी उल्लेखनीय कृति “कुरआन करीम की बैक रीडर्स” है। उनकी व्यक्तित्व में ज्ञान, ईमानदारी, धार्मिक प्रतिबद्धता और सामाजिक सेवा का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।

उनका निधन हज के दौरान मक्का मुकर्रमा में हुआ। उनके परिवार में प्रोफ़ेसर ताहिर महमूद, सैयद खालिद महमूद, सैयद ज़फ़र महमूद तथा भतीजे डॉ. सैफ़ महमूद शामिल हैं।

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